May 24, 2007

शायर: नामालूम

हम पर दुःख का पर्वत टूटा, तब हमने दो चार कहे
उसपे भला क्या बीती होगी जिसने शेर हजार कहे
...
अश'आर मेरे यूं तो ज़माने के लिए हैं
कुछ शेर फकत उनको सुनाने के लिए हैं

Apr 30, 2007

गूगल में हिंदी

गूगल में अब हिंदी में लिखना और भेजना संभव है।
बहुत अच्छा! यानी अब मैं कुछ पसंदीदा शेर यहाँ ला सकता हूँ.

अजय